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कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं होता,
सबसे पहले मैं आपका इस साईट पर विजिट करने के लिए धन्यवाद करता हूं | ईश्वर की असीम अनुकम्पा से मैंने हिन्दी में साईट बनानी शुरू की है | ये काम है तो काफी कठिन, परन्तु धीरे-धीरे कुछ तो आगे बढेंगे ही | मैं कुछ अपने बारे में बता दूँ | मेरा नाम वैसे तो भारत भूषण गोयल है, पर आम तौर पर लोग मुझे "बी.बी." या फिर "गोयल" ही बोल देते हैं | शेक्सपीयर सर ने भी कहा था कि नाम में क्या रखा है? वैसे भी नाम तो बस आइडैंटीफिकेशन का जरिया है | जब बच्चा छोटा होता है, तो मां बच्चे को पुचकारते समय तरह तरह के नाम लेती है, तुतला कर भी बोलती है | अगर नाम ही अल्टीमेट चीज होते तो बच्चों को इतनी प्यार भरी पुचकारें नहीं मिलनी थी | आगे बात करते हैं शिक्षा की | मैंने एम.ऐ., एम.काम.,एम.सी.ए. कर रखा है | बरनाला में गांधी आयॅ हाई स्कूल एवं ऐस.डी.कालज में पढा हूँ | आयॅ स्कूल में भाटीया जी का डंडा व थप्पड़ दोनों ही मश्हूर थे | आजकल वो करनाल में एक चैरीटेबल स्कूल चला रहे हैं | कुछ समय पहले बरनाला आए थे, जब आयॅ स्कूल में १९८० में मैट्रिक करने वालों ने सिल्वर जुबली मनाई थी | भाटीया जी उस समय भी यहां पर अध्यापक हुआ करते थे | सिल्वर जुबली फंक्शन वाले दिन भाटीया जी ने कहा कि मुझे इतना सख्त नहीं होना चाहिए था | फंक्शन एक बडी कामयाबी था क्योंकि १९८० के सभी मैट्रिक पास-आउटज ने प्रोग्राम में शिरकत की, सिवाय एक स्टूडैंट
के | उसने भी अमेरिका से अपने ना-आने की क्षमा मांगते हुए स्कूल के दिनों की अपनी यादें ताजा करते हुए भाव-भीनी ई-मेल भेजी |
मैंने निम्नलिखित यूनीवसि॔टीयों से शिक्षा प्राप्त की हैः
बरनाला पंजाब के प्रमुख शहरों में से एक है | यह रेल्वे एवं सड़क द्वारा लुधियाना, चंडीगढ, नई दिल्ली, बठिंडा इत्यादि शहरों से जुडा हुआ है | सुरजीत सिंह बरनाला बरनाला के ही वसनीक हैं | ये छत्तीसगढ़ एवं आंध्र प्रदेश के राज्यपाल तथा केन्द्रीय उपभोकता मंत्री भी रह चुके हैं, आजकल तामिलनाडू के राज्यपाल के पद पर आसीन हैं, इनके नाम के पीछे पडने वाला शब्द बरनाला भी बरनाला शहर से इनके सम्बन्ध को ही दशॉता है | बरनाला के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए बरनाला शहर के बैव-स्थल पर क्लिक करें जीः
बरनाला.को.इन पंजाब में बी.एड., मैडीकल, इंजीनियरिंग इत्यादि सभी कालेजों के बारे में जानने के लिए कलिक करें - पंजाब में कालेज
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